ड्रामेबाजी कर दिन काट रहे हैं कैप्टन – भगवंत मान

ड्रामेबाजी कर दिन काट रहे हैं कैप्टन – भगवंत मान

ड्रामेबाजी कर दिन काट रहे हैं कैप्टन – भगवंत मान

-मान का सवाल, कैप्टन बताएं किसानी मसला हल करने के लिए उन्होंने कौन सा सार्थक क़दम उठाया?
-ड्रामेबाजियों से नहीं चलेगा काम, एम.एस.पी पर कानूनी गारंटी दें या फिर मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ें कैप्टन – ‘आप’
-किसानी मसले के पक्के हल के लिए मान ने कैप्टन के पाले में फेंकी गेंद

चंडीगढ़, 11 नवंबर 2020: आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद भगवंत मान ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह पर तमाशबीन होने के गंभीर दोष लगाए हैं। भगवंत मान अनुसार, ‘‘कृषि विरोधी कानूनों को लेकर चल रहे किसानी संघर्ष के पंजाब और किसान समर्थकी हल के लिए मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कोई भी सार्थक पहल नहीं की। शुरू से ही दोगली नीति और ड्रामेबाजियों पर जोर रखा। जिस का ख़मियाज़ा आज न केवल किसान बल्कि पूरा पंजाब भुगत रहा है।

पार्टी मुख्यालय से जारी बयान के द्वारा भगंवत मान ने कहा कि केंद्र सरकार और किसानों के दरमियान चल रहे संघर्ष को तमाशबीन बन कर देख रहे अमरिंदर सिंह यह भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं कि यह लड़ाई सिर्फ केंद्र और किसानों के बीच है, पंजाब सरकार इस में क्या कर सकती है? भगवंत मान ने कहा कि कैप्टन की यह तमाशबीन नीति एक तरफ किसानों को गुमराह और किसानी संघर्ष को कमजोर कर रही है और दूसरी ओर प्रधान मंत्री नरिंदर मोदी का गुप्त समर्थन कर रही है। यही कारण है कि मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने इस पूरे मसले के हल के लिए प्रधान मंत्री तो दूर केंद्रीय रेल मंत्री और गृह मंत्री के साथ एक भी मुलाकात अभी तक नहीं की। यहां तक कि यह काले बिल संसद में पेश और पास होने से पहले तक कैप्टन अमरिंदर सिंह सर्वदलीय और किसान यूनियनों के प्रतिनिधिमंडल को प्रधान मंत्री के पास लेकर जाने की बड़ी -बड़ी बातें करते थे, परन्तु एक भी बैठक नहीं करवाई।

भगवंत मान ने दोष लगाए कि कैप्टन अमरिंदर सिंह अपनी अनेक कमजोरियों (भ्रष्टाचार, ईडी, विदेशी बैंक खाते, विदेशी मेहमान) के कारण प्रधान मंत्री मोदी के लिए कठपुतली के तौर पर काम कर रहे हैं। ऐसा करना न केवल किसानी संघर्ष बल्कि समूचे पंजाबियों की पीठ में छुरा घोंपने के बराबर है।

भगवंत मान ने कहा कि बेहतर होता अमरिंदर सिंह किसानी मसले के पक्के हल (एमएसपी पर खऱीद की कानूनी गारंटी का अधिकार) के लिए न केवल केंद्र और किसानों के बीच भरोसेयोग पुल का काम करते बल्कि पंजाब और किसानों के हितों की डट कर वकालत करते, परंतु अमरिंदर सिंह हर क़दम पर फेल ही हुए हैं।

किसानी हितों की रक्षा और मसले के पक्के हल के लिए गेंद कैप्टन के पाले में फेंकते हुए भगवंत मान ने कहा कि यदि बतौर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह केंद्र सरकार से पंजाब के किसानों को एमएसपी पर फसलों की खरीद की कानूनी गारंटी नहीं दिला सकते तो यह क़दम पंजाब सरकार की ओर से खुद उठाने और विधान सभा का विशेष सत्र बुला कर एमएसपी पर खरीद की गारंटी के लिए कानून पास करें क्योंकि पंजाब की किसानी को कॉर्पोरेट घरानों और केंद्र सरकार के रहमो-करम पर नहीं छोड़ा जा सकता।

मान ने कहा कि यदि कैप्टन इतना भी नहीं करते तो स्पष्ट है कि कैप्टन भी मोदी सरकार की तरह किसान और पंजाब विरोधी हैं। इस लिए कैप्टन को तुरंत गद्दी छोड़ देनी चाहिए, क्योंकि पंजाब और किसान को इस समय ड्रामेबाज और गद्दार मुख्यमंत्री की नहीं बल्कि वफादार और ईमानदार मुख्यमंत्री की जरूरत है।

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